हवन

 घर पर शांति एवं शुद्धिकरण हवन
श्री जानकी जी की पावन स्मृति में
🔹 1. आवश्यक सामग्री
हवन कुंड / लोहे का बर्तन
सामग्री
सूखी लकड़ी
देसी घी
कपूर
गंगाजल
अक्षत (चावल)
फूल, चंदन, हल्दी
दीपक, रुई की बत्ती
---
 2. प्रारंभिक तैयारी
1. स्थान को साफ करें
2. गंगाजल से शुद्ध करें
3. दीपक जलाएँ
4. श्री जानकी जी का फोटो रखें
5. परिवार सहित 1 मिनट मौन रखें

🔹 3. संकल्प

(थोड़े चावल और फूल हाथ में लेकर)
“हे प्रभु, आज हम अपने परिवार सहित
अपनी पूज्य माताजी श्री जानकी जी की आत्मा की शांति, सद्गति और दिव्य लोक प्राप्ति हेतु
यह पवित्र हवन पूर्ण श्रद्धा से कर रहे हैं।”
---
🔹 4. अग्नि प्रज्वलन
कपूर से अग्नि जलाएँ
थोड़ा घी डालें
---🔥 5. 11 आहुति — मंत्र + अर्थ (आहुति देते समय पढ़ें)

1️⃣ ॐ अग्नये स्वाहा
👉 अग्नि देव को प्रणाम, हवन की अग्नि को सफल बनाने हेतु।

2️⃣ ॐ सोमाय स्वाहा
👉 घर में शांति, सुकून और सौम्यता के लिए।

3️⃣ ॐ प्रजापतये स्वाहा
👉 परिवार की रक्षा, वृद्धि और सद्भावना के लिए।

4️⃣ ॐ भूर् स्वाहा
👉 घर और आसपास की शुद्धि के लिए।

5️⃣ ॐ भुवः स्वाहा
👉 वातावरण और मन की नकारात्मकता दूर करने के लिए।

6️⃣ ॐ सुवः स्वाहा
👉 दिव्य आशीर्वाद और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए।

7️⃣ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे स्वाहा
👉 दुख, रोग और भय से मुक्ति, आत्मा की शांति।

8️⃣ ॐ नारायणाय स्वाहा
👉 परिवार में स्थिरता, संरक्षण और धैर्य के लिए।

9️⃣ ॐ रुद्राय स्वाहा
👉 नकारात्मक शक्तियों के नाश और सुरक्षा हेतु।

🔟 ॐ सर्वपितृदेवेभ्यो स्वाहा
👉 माताजी श्री जानकी जी सहित सभी पूर्वजों की शांति हेतु।

1️⃣1️⃣ ॐ शांतिः शांतिः शांतिः स्वाहा
👉 शरीर, मन और आत्मा — तीनों में पूर्ण शांति स्थापित हो।

---
🔹 6. अंतिम प्रार्थना
“हे प्रभु, हमारी प्रिय माता श्री जानकी जी
जो सादगी और उच्च विचारों की प्रतिमूर्ति थीं,
उनकी आत्मा को शांति दें, दिव्य लोक में स्थान दें।
हमारे परिवार को धैर्य, शक्ति और एकता प्रदान करें।”
---

🔹 7. विशेष पारिवारिक प्रवचन
(भावपूर्ण, सरल, परिवार के सभी सदस्यों के लिए)

> “प्रिय परिवारजन,
आज हम माँ श्री जानकी जी की पवित्र स्मृति में यहाँ एकत्र हुए हैं।
माँ की सादगी, उच्च विचार और प्रेम ने हमारे जीवन को आकार दिया है।
माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, वह संस्कार और प्रेम की सबसे बड़ी गुरु होती हैं।
माँ का शरीर भले ही चला जाए, पर उनकी सीख, उनका संस्कार, और उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहता है।
आज का हवन उनकी आत्मा की शांति के लिए ही नहीं,
बल्कि हम सबके मन की शांति के लिए भी है।
प्रभु से प्रार्थना है कि वह हमारी प्यारी माताजी को
अपने चरणों में स्थान दें।
ॐ शांति।”

 हवन सम्पन्न हूवा सभी देवी देवता को प्रणाम 

Comments

Popular posts from this blog